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Uncensored हिंदी

50 RTI के बाद रेलवे देगा रिफंड, 2.43 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

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Nazneen Yakub – Mumbai Uncensored, 1st June 2022

कोटा के रहने वाले इंजीनीयर सुजीत स्वामी ने 5 साल पहले रेलवे से टिकट बुक किया था। टिकट बुक होते समय रेलवे ने सर्विस चार्ज के नाम पर 35 रूपए लिए थे, लेकिन स्वामी ने बाद में टिकट कैंसिल करा दिया था, जिसके बाद उनको रेलवे  वालों ने सर्विस चार्ज वापस नहीं किया। 

सर्विस चार्ज वापस न मिलने पर स्वामी रेलवे वालों से अड़ गए और उन्होंने लगातार 5 साल में 50 आरटीआई फाइल की जिसके बाद अब जाकर उन्हें जीत हासिल हुई है। इस जीत का फायदा लाखों लोगों को मिलेगा। 

दरअसल, रेलवे वालों ने सर्विस चार्ज के नाम पर लोगों से 2.43 करोड़ रुपए वसूले हैं जिसका भुगतान अब उन्हें स्वामी के द्वारा लगाई गई आरटीआई की वजह से मिलेगा। यह राशि 2.43 करोड़ो लोगों को प्राप्त होगी।

स्वामी ने बताया कि उनके लगातार ट्वीट करने के परिणामस्वरुप 2.98 लाख लोगों को सर्विस चार्ज के 35 रुपये रिफंड मिलेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, जीएसटी काउंसिल और वित्त मंत्री को टैग करते हुए लगातार ट्वीट किए थे।

बता दें कि स्वामी ने अप्रैल 2017 में कोटा से दिल्ली के लिए गोल्डन टेम्पल मेल में एक टिकट बुक किया था, जो 2 जुलाई की यात्रा के लिए था। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 1 जुलाई से जीएसटी लागू हुआ था। स्वामी ने 765 रुपये में टिकट बुक किया था। जब उन्होंने टिकट कैंसिल किया तो 65 रुपये के बजाय 100 रुपये कटकर उन्हें 665 रुपये का रिफंड मिला। स्वामी ने जीएसटी लागू होने के पहले ही टिकट कैंसिल कर दिया था, फिर भी सर्विस चार्ज के 35 रुपये कट गए थे। इसके बाद स्वामी ने 35 रुपये सर्विस चार्ज पाने के लिए आरटीआई फाइल करना शुरू किया और लंबी लड़ाई के बाद 1  मई 2019 को 33 रुपये का रिफंड मिला। तब 35 रुपये के सर्विस टैक्स की राउंडेड ऑफ वैल्यू के नाम पर 2 रुपये कट गए थे। 

स्वामी ने फिर 2 रुपये वापस पाने की लड़ाई शुरू कर दी थी, जिसमें उन्हें पिछले सप्ताह सफलता मिल गई। 2 रुपये के रिफंड को लेकर स्वामी को आईआरसीटीसी का एक मेल मिला जिसके बाद बैंक डिटेल्स भेजने पर सोमवार को उन्हें 2 रुपये भी वापस मिल गए।

Crime News

उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल साहू की गला रेतकर बेरहमी से की गई हत्या

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Nazneen Yakub – Mumbai Uncensored, 29th June 2022

राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार दोपहर को दिल दहलाने वाली घटना घटित हुई है। इस घटना को पूर्व बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के पैंगबर मोहम्मद टिप्पणी मामले का बदला बताया गया है। 

बीते मंगलवार 29 जून को दोपहर 2 से 3 बजे के करीब दो व्यक्ति मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल साहू की दुकान पहुंचते है। वहां कपड़े सिलवाने के बहाने से  उनकी दुकान अन्दर घुसते है, जिसके बाद वह कन्हैयालाल को जबरजस्ती दुकान से बाहर लाकर तलवार से उनका गला रेतकर  हत्या को अंजाम देते हैं। 

दर्जी कजन्हैयालाल साहू की दिनदहाड़े हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उन्होंने कहा ”पैग़ंबर के अपमान करने वालों को यही सज़ा मिलेगी।”  इसके साथ ही उन्होंने वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी को भी जान से मारने की धमकी दी थी।    

दरअसल कन्हैयालाल के बेटे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की थी। इसी फेसबुक पोस्ट के कारण उन पर हमला किया गया है। 

दोनों आरोपियों को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।अतिरिक्त महानिदेशक जंगा श्रीनिवास, दिनेश एमएन, डीआईजी आरपी गोयल और राजीव पचार समेत करीब 30 आर पी एस अधिकारी, पांच आरएसी की कंपनी उदयपुर में तैनात की गई हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  

बता दें कि कन्हैयालाल की हत्या के बाद राजस्थान में विरोध प्रदर्शन चल रहा हैं। इस घटना को लेकर हिन्दू संगठन में रोष देखने को मिला। इसके साथ ही मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सारी प्रतिक्रियाएं भी देखी जा रही हैं।

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Legal News

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अदालत ने एल्गार मामले पर जमानत की खारिज

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Nazneen Yakub – Mumbai Uncensored, 29th June 2022

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA)ने मुंबई के एल्गार मामले में जमानत खारिज कर दी है। एल्गार परिषद- माओवादी मामले में सुरेंद्र गाडलिंग, रोना विल्सन, महेश राउत, सुधीर धवले और शोमा सेन की याचिका को 29 जून को एनआईए ने खारिज कर दिया है। आरोपियों द्वारा 2018 में पुणे की सत्र अदालत में तकनीकी आधार पर जमानत याचिका दायर की गई थी। 

इस याचिका में आरोपियों ने दावा किया था कि मामले में आरोपपत्र दाखिल करने के लिए सत्र अदालत द्वारा 90 दिनों का विस्तार ‘‘अवैध’’ था। इसलिए, वे दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के तहत तकनीकी आधार पर जमानत के हकदार हैं।

एल्गार परिषद माओवादी मामला

एल्गार परिषद माओवादी मामला 31 दिसंबर 2017 का है जोकि पुणे में आयोजित ‘एत्गार परिषद’ सम्मेलन में हुआ था। इस सम्मेलन में कथित भड़काऊ भाषण दिए थे। इन भड़काऊ भाषणों के बाद पुणे पुलिस ने यह दावा किया था कि अगले दिन महाराष्ट्र शहर के बाहरी इलाके में स्थित कोरेगांव भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई थी। 

पुलिस ने दावा किया था कि कॉन्क्लेव को माओवादियों का समर्थन भी प्राप्त था। इस मामले में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को आरोपी बनाया गया है। इस केस को राष्ट्रीय जांच एजेंसी में सौप दिया गया था।

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Politics

क्या ईडी के सामने नहीं पेश होंगे संजय राउत?

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Nazneen Yakub – Mumbai Uncensored, 28th June 2022

प्रर्वतन निदेशालय (ED)ने  शिवसेना के सांसद संजय राउत को तलब किया है। ईडी ने मुंबई के गोरेगांव में एक चॉल के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में अनियमितता से जुड़े मामले को लेकर तलब जारी किया है। जिसको लेकर आज 28 जून को पेशी होनी थी। लेकिन संजय राउत ईडी के सामने पेश नहीं हुए हैं। 

संजय राउत ने अपने वकील के जरिए  ईडी से किसी और दिन पेश होने का समय मांगा है। वहीं मुंबई के मुंख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। 

बता दें कि ईडी द्वारा इस कार्यवाही को लेकर संजय राउत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट शेयर किया है कि अभी पता चला है कि ईडी ने मुझे तलब किया है, बहुत अच्छे महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो रहा है। हम, बालासाहेब के शिवसैनिक, बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। यह मुझे रोकने की साजि़श है। भले ही आप मेरा सिर काट दें, मैं गुवाहाटी का मार्ग नहीं लूंगा, मुझे गिरफ्तार कीजिए। जय हिंद। 

आपको बता दें कि ईडी ने अप्रैल में संजय राउत की अलीबाग की जमीन और दादर का फ्लैट कुर्क करने का नोटिस दिया था। अब ईडी गोरेगांव में पतरा चॉल पुनर्वसन प्रोजेक्ट में बिल्डर ने अनियमिमता कर 1,039 करोड़ कमाए और उसी पैसे में से 55 लाख रुपए गुरू आशीष कंपनी के डारेक्टर प्रवीण राउत ने संजय राउत की पत्नी को दिए थे जिससे संपत्ति खरीदी गई थी। इसी मामले को लेकर ईडी संजय राउत से पूछताछ करेंगी।

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