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Pendency of POCSO Cases in Mumbai reaches 99%, it will take 30 years to clear pending cases.

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Shashwat Mishra, Mumbai Uncensored, 28th December 2021:

It will take 30 years to complete the trial of all the cases registered till last year, this is the state of pendency of cases before the courts as well as the police. These are the findings of the white paper released by Praja Foundation a non-partisan organization working towards enabling accountable governance since 1997 based out of Mumbai, Maharashtra. According to the report, around 2550 serious offenses are disposed of by the courts every year, if we take an average of the cases disposed then it would take 30 years to complete the trial. The report states that a total of 6,329 were disposed of by various courts till last year i.e. 2020, of which, only 3,414 cases lead to a conviction. 

Meanwhile, Mumbai police have registered a total of 50,158 cases throughout the year, if we add up the pendency of the previous year’s cases then by the end of 2020 the number goes to 1,26,921. Out of these the police filed a charge sheet in 21,420 cases and has submitted a final report in 9,437 cases. If we talk specifically about crime against women (CAW) the situation is very grim. In 2020 a total of 25,263 CAW were at different stages of the trial, the backlog of pending cases from the previous year was 22,368. Out of these cases, 121 cases got conviction, while in 329 cases the accused were acquitted. The police registered 4,583 new FIRs in CAW cases, this is in addition to the figure of 10,527 that were already being investigated. The irony here is that the POCSO Act was introduced, it was mandated that the trial in POCSO cases should be complete within a year of the happening of the offense. Another plight is of the undertrial prisoners, according to the report, 297 POCSO cases are under trial for more than three years, while 2,446 are being tried for the last 1-3 years. Looking at the state of our justice dispensation system the situation will take time to improve

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Filmmaker Leena Manimekalai Slammed For Goddess Kali Shown Smoking In Documentary Poster, Netizens Demand Her Arrest

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Under the hashtag #arrestleenamanimekalai, a poster for a documentary movie has gone viral on the internet. Indian director Leena Manimekalai’s documentary’s poster has come under fire for “insulting” the Hindu goddess Kali. The posters which have spread outrage among the netizens, depicted the Hindu goddess Maa Kaali holding an LGBTQIA flag and smoking a cigarette on the poster. 

Siddhant Mohite, Founder of Saffron Think Tank said “How dare such people insult Hindu goddesses Maa Kaali by making such films? I demand strict action against each and every person who has been a part of this film which has been produced to create unrest amongst the Hindu Community. We demand legal action against them under section 295 A for deliberate and malicious acts, intended to outrage religious feelings of any class by insulting its religion or religious beliefs.”

More than 2 Lakh 30 thousand people have tweeted demanding action under the hashtag #ArrestLeenaManimekalai on Twitter this morning.

A twitter handle named SakshiP wrote “This is blasphemy and hurts Hindu religious sentiment. Aga Khan Museum needs to take this down immediately. 

A user tweeted, “I am shocked to see this post ! From M F Hussain to u, deriving vicarious pleasure in denigrating hindu gods and goddesses has been our motto. Please pull this down as it is offensive, disgusting and affects the sensibilities of all hindus. This is psychologically traumatic too.”

Another twitter user urged the Home Minister Amit Shah and PMO India to take appropriate action.

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उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल साहू की गला रेतकर बेरहमी से की गई हत्या

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Nazneen Yakub – Mumbai Uncensored, 29th June 2022

राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार दोपहर को दिल दहलाने वाली घटना घटित हुई है। इस घटना को पूर्व बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के पैंगबर मोहम्मद टिप्पणी मामले का बदला बताया गया है। 

बीते मंगलवार 29 जून को दोपहर 2 से 3 बजे के करीब दो व्यक्ति मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल साहू की दुकान पहुंचते है। वहां कपड़े सिलवाने के बहाने से  उनकी दुकान अन्दर घुसते है, जिसके बाद वह कन्हैयालाल को जबरजस्ती दुकान से बाहर लाकर तलवार से उनका गला रेतकर  हत्या को अंजाम देते हैं। 

दर्जी कजन्हैयालाल साहू की दिनदहाड़े हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उन्होंने कहा ”पैग़ंबर के अपमान करने वालों को यही सज़ा मिलेगी।”  इसके साथ ही उन्होंने वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी को भी जान से मारने की धमकी दी थी।    

दरअसल कन्हैयालाल के बेटे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की थी। इसी फेसबुक पोस्ट के कारण उन पर हमला किया गया है। 

दोनों आरोपियों को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।अतिरिक्त महानिदेशक जंगा श्रीनिवास, दिनेश एमएन, डीआईजी आरपी गोयल और राजीव पचार समेत करीब 30 आर पी एस अधिकारी, पांच आरएसी की कंपनी उदयपुर में तैनात की गई हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  

बता दें कि कन्हैयालाल की हत्या के बाद राजस्थान में विरोध प्रदर्शन चल रहा हैं। इस घटना को लेकर हिन्दू संगठन में रोष देखने को मिला। इसके साथ ही मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सारी प्रतिक्रियाएं भी देखी जा रही हैं।

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चीनी कंपनी से जुड़े 400 CA और CS पर होगी कार्यवाई

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Nazneen Yakub – Mumbai Uncensored, 20th June 2022

केंद्र सरकार ने 400 चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA)और कंपनी संचिवों (CS)पर अनुसशासनात्मक जांच की जाएगी। सीए और सीएस के ऊपर आरोप है कि वह चीनी कंपनियों के साथ शामिल है, उन्होंने कथित तौर पर मानदंडों की धज्जियां उड़ाई हैं।
दरअसल साल 2020 में गलवान की घटना के बाद चीनी व्यापारिक संस्थाओं के खिलाफ सरकार ने संदिग्ध कदम उठाए थे। जिससे संबंधित जांचों के आदेश जारी किए गए है।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी अखबार से बताया है कि जिन चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सचिवों के खिलाफ अनुशासना्त्मक कार्रवाई शुरू की गई है, उन्होंने बड़ी संख्या में चीन के स्वामित्व वाली या चीनियों की ओर से बड़े शहरों में चलाई जाने वाली शेल कंपनियों को नियमों और कानून के पर्याप्त अनुपालन के बिना इनकॉर्पोरेट करने में मदद की थी। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने पिछले दो महीनों से वित्तीय खुफिया यूनिट से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश की है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट मामलों को देखने वाली वैधानिक संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने अखबार को दिए एक बयान में कहा है, ‘आईसीएआई का अनुशासनात्मक निदेशालय सीए प्रोफेशनलों के खिलाफ देश भर के विभिन्न रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से शिकायतें प्राप्त कर रहा है, जो कि चीनी नागरिकों से जुड़ी कंपनियों के साथ उनके कथित रूप से ताल्लुकातों को लेकर है।’ हालांकि, आईसीएआई ने फिलहाल उनके कथित दोष को लेकर जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

पिछले दो वर्षों में सरकार के सख्त कदमों के चलते चाइनीज कंपनियों से आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) एकदम गिर गया है, लेकिन पिछले साल दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 125 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में अप्रैल से जून (साल 2000 से लेकर) के बीच चीन से एफडीआई 15,422 करोड़ रुपए था, लेकिन 2022 की पहली तिमाही में यह गिरकर 12,622 करोड़ रुपये तक आ चुका है।

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